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विश्व रंगमंच दिवस संदेश
27 मार्च 2011
- जेसिका ए. काहवा(नाट्य विशेषज्ञ, युगांडा)
मानवता की सेवा में थियेटर
क्या आपने कभी कल्पना की है कि रंगमंच शांति और सामंजस्य की स्थापना में एक ताकतवर औजार हो सकता है? दुनिया के हिंसक संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति रक्षा के लिए राष्ट्र भारी-भरकम खर्च करते हैं लेकिन संघर्ष के रूपांतरण और प्रबंधन हेतु विकल्प के रूप में रंगमंच की ओर बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है। धरती मां के नागरिकों को कैसे सार्वभौमिक शांति की प्राप्ति हो सकती है, जब इसके औजार बाहरी हों और दिखावटी दमनकारी ताकतों से आ रहे हों?
रंगमंच लोगों की आत्म-छवि की पुनर्रचना कर मानव आत्मा में बारीकी से प्रवेश करता है और इस तरह व्यक्ति तथा परिणामतः समाज के लिए विकल्पों की दुनिया उद्घाटित करता है। अनिश्चित भविष्य की पहले से पहचान कर रोजमर्रा की वास्तविकताओं को अर्थ दे सकता है।
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विश्व रंगमंच दिवस संदेश
27 मार्च 2009
रंगमंच जीवन का छुपा हुआ सत्य है - ऑगस्टो बोल
शादियां और मृत्यु संस्कार विशिष्ट होते हैं, लेकिन रोजाना की जिंदगी के दूसरे अनुष्ठान भी उतने ही विशिष्ट होते हैं। जिसके बारे में हम सचेत नहीं होते। खास उत्सव और माहौल भी। यहां तक कि सुबह की चाय, अभिवादन, डरा हुआ प्यार और कुछ करने का तूफानी जुनून, राजनैतिक बैठक, सभी कुछ नाटक है।
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