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RANGVARTA : an e-magazine for Indian Theatre                                                       on STAGE


वे तीनों अभियंता थे जिनके रंगकर्म में समकालीन भारत है

आम तौर पर भारत के हिंदी समाज में कला की पढ़ाई के प्रति एक उदासीनता का भाव है और विज्ञान के अध्ययन पर विशेष जोर रहता है. विज्ञान के प्रति यह अतिरिक्त मोह ‘विज्ञान’ की बजाय आर्थिक ज्यादा होता है. धारणा यह भी है कि विज्ञान और कला के बीच कोई अंतरसंबंध नहीं है. पर भारतीय रंगमंच में जननाट्य के तीन समकालीन रंगकर्मी ऐसे हैं जिन्होंने विज्ञान की पढ़ाई की और तीनों ही अभियंता थे.
- अश्विनी कुमार पंकज

Back STAGE


मेलबर्न 7 और नेड केली की दास्‍तान

एक घंटे के नाटक का मंचन देखकर मैं मंत्रमुग्‍ध हो गया. यह नाटक नेड की जिन्दगी पर फांसी स्थल पर होता है.

अंतरराष्ट्रीय रंगमंच पर इरोम चानु शर्मिला

दक्षिण कोरिया के अंतरराष्ट्रीय रंगमंच महोत्सव में इरोम चानु शर्मिला पर मंचित मूक नाटक को भरपूर प्रशंसा मिल रही है.

न्यू मीडिया पर छिड़ी जिरह

गरीबी अमीरी की खाई लगातार बढ़ती जा रही है। 80% लोगों के लिए सत्ताधारी वर्ग कोई जबावदेही नहीं महसूस करते।

रंगमंच के लिए छोड़ दी थी नौकरी

वे एक मैगजीन में लेआउट आर्टिस्ट थे और रंगमंच के लिए उन्होंने नौकरी से रिजाइन किया था।

 

Arena Theatre


शिवराम गुपचुप चला गया बिना कोई खबर दिये!

सफदर हाशमी की हत्या के बाद नुकक्ड़ नाटक आंदोलन का श्रैय उन्हीं को गिया गया। पर पूरे सत्तर दशक तक नुक्कड़ नाटक में शिवराम के अलावा कोई नहीं था हिंदी में। उत्तरार्द्ध में हर अंक में उनका नाटक छपना और उस नाटक की प्रस्तुतियां चालू हो जाना नियमित था। आज उत्तरार्ध संपादक सव्यसाची को कोई कामरेड याद नहीं करता। पर हम हिंदीभाषी युवाजन तो सव्यसाची के जरिए ही सत्तर के दशक में वामपंथी विचारधारा को जानते समझते थे। लगातार सक्रिय प्रतिबद्ध शिवराम से हमारी मुलाकात कोटा में उनके द्वारा आयोजित भूमिगत लेखक सम्मेलन में १९७६ में आपातकाल के दौरान हुई थी।

पिछले साल एक अक्टूबर 2010 को चर्चित रंगकर्मी शिवराम का निधन हुआ. पढ़िए पलाश विश्वास का यह संस्मरण

Theatre History and Review


कोलकाता का हिंदी रंग इतिहास

कोलकाता में हिन्दी नाट्य प्रस्तु्तियों का इतिहास लगभग एक शताब्दी पुराना है । 1906 में पहली बार मुंशी भृगुनाथ वर्मा के नेतृत्व में फूलकटरा में हिन्दी नाट्य समिति की स्थापना हुई ।

एक नई मेनका का मंचन चैन्ने में भी

विभा का विश्वास है कि थिएटर लोगों को शिक्षित और सुसंस्कृत बनाने का सर्वोत्तम तरीका है. इसके माध्यम से लोग अपने अपने जीवन व कार्यक्षेत्र के शीर्ष पर पहुँच सकते हैं.

Posters


Shabana in Karnad's 'Broken Images'

"Pune-Highwat" by Rahul da Cunha



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Current Issue

‘रंगवार्ता’ का ‘रंगमंच पर स्त्री छवियां’ विशेषांक बस छपकर आने ही वाला है. सीमित प्रतियां हैं इसलिए अपना आदेश 150/- रु. सहित तुरंत भेजें ताकि पत्रिका का यह विशेष अंक हम आपके लिए सुरक्षित कर सकें. ...और आगे देखें


 

विश्व रंगमंच दिवस संदेश
27 मार्च 2011

- जेसिका ए. काहवा
(नाट्य विशेषज्ञ, युगांडा)

मानवता की सेवा में थियेटर

क्या आपने कभी कल्पना की है कि रंगमंच शांति और सामंजस्य की स्थापना में एक ताकतवर औजार हो सकता है? दुनिया के हिंसक संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में शांति रक्षा के लिए राष्ट्र भारी-भरकम खर्च करते हैं लेकिन संघर्ष के रूपांतरण और प्रबंधन हेतु विकल्प के रूप में रंगमंच की ओर बहुत कम ध्यान दिया जा रहा है। धरती मां के नागरिकों को कैसे सार्वभौमिक शांति की प्राप्ति हो सकती है, जब इसके औजार बाहरी हों और दिखावटी दमनकारी ताकतों से आ रहे हों? रंगमंच लोगों की आत्म-छवि की पुनर्रचना कर मानव आत्मा में बारीकी से प्रवेश करता है और इस तरह व्यक्ति तथा परिणामतः समाज के लिए विकल्पों की दुनिया उद्घाटित करता है। अनिश्चित भविष्य की पहले से पहचान कर रोजमर्रा की वास्तविकताओं को अर्थ दे सकता है।

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विश्व रंगमंच दिवस संदेश
27 मार्च 2009

रंगमंच जीवन का छुपा हुआ सत्य है - ऑगस्टो बोल

शादियां और मृत्यु संस्कार विशिष्ट होते हैं, लेकिन रोजाना की जिंदगी के दूसरे अनुष्ठान भी उतने ही विशिष्ट होते हैं। जिसके बारे में हम सचेत नहीं होते। खास उत्सव और माहौल भी। यहां तक कि सुबह की चाय, अभिवादन, डरा हुआ प्यार और कुछ करने का तूफानी जुनून, राजनैतिक बैठक, सभी कुछ नाटक है।

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Theatre Events


Short and Sweet Theatre Festival
16-18 November
Epicentre, Sector 44, Gurgaon
 
22-24 November
India Habitat Centre, New Delhi
 
19-20 November
Azad Bhavan, New Delhi
 
26 November 2011
India Habitat Centre, New Delhi
 
'Malebillu' five-day children's theatre festival
19-23 November 2011
Bangalore, India
 
Brisbane Powerhouse World Theatre Festival 2012
16 – 26 February 2012
Brisbane, Australia
 
The New York Children's Theater Festival
20 April-5 May
New York, USA
 
10th Contemporary Drama Festival
Nov 26 – Dec 3, 2011
Budapest
 

Indian THEATRE


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